कुटीर एवं ग्रामीण उद्योग निदेशालय

उत्तर प्रदेश सरकार

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कुटीर एवं ग्रामीण उद्योग

प्रदेश में कुटीर एवं ग्रामीण उद्योगों की प्रभावी संगठनात्मक ढॉचा प्रदान करने एवं इस क्षेत्र से सम्बन्धित उद्योगों की विशिष्ट समस्याओं के निराकरण हेतु शासन ने विचारोपरान्त एक पृथक कुटीर एवं ग्रामीण उद्योग निदेशालय के कार्य निम्नवत् होंगेः-

  1. कुटीर एवं ग्रामीण उद्योगों से सम्बन्धित सांख्यिकीय आधार DATA-BASE को सुदृढ़ करना तथा इन उद्योगों हेतु नीति निर्धारण में प्रदेश शासन की आवश्यक सहयोग देना,
  2. प्रदेश में कुटीर एवं ग्रामीण उद्योगों के व्यापक तथा समन्वित विकास हेतु आवश्यक परियोजनाओं/योजनाओं की संरचना करना तथा कार्यान्वित की जाने वाली समस्त परियोजनाओं, योजनओं का प्रभावी अनुश्रवण करना,
  3. कुटीर एवं ग्रामीण उद्योगों हेतु प्रदेश शासन द्वारा स्वीकृत धनराशि का आहरण/वितरण करना तथा उसका सम्पूर्ण लेखा-जोखा रखना,
  4. कुटीर एवं ग्रामीण उद्योगों से सम्बन्धित विभिन्न संस्थाओं/शासकीय विभागों से प्रभावी समन्वय स्थापित करना।
  5. अन्य कार्य जो प्रदेश शासन द्वारा निदेशालय को समय-समय पर आवंटित किये जावें।

कुटीर एवं ग्रामीण उद्योग निदेशालय केवल मुख्यालय के रूप में ही गठित होगा तथा निदेशालय के परिक्षेत्रीय/जिला कार्यालय नहीं स्थापित किये जावेंगे। कुटीर एवं ग्रामीण उद्योगों से सम्बन्धित कार्यक्रमों का कार्यान्वयन पूर्ववत उत्तर प्रदेश खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड के सुपुर्द ही रहेगा। बोर्ड निदेशालय की ओर से विभिन्न कार्यक्रमों का संचालन Implementing Agency के रूप में करेगा।

निदेशालय की स्थापना उक्त बोर्ड के लखनऊ स्थिति मुख्यालय भवन में की जावेगी, बोर्ड इस हेतु पर्याप्त स्थान/सुविधा उपलब्ध करवाने की व्यवस्था करेगा। सामान्यतः बोर्ड के मुख्य कार्यपालक अधिकारी निदेशालय के पदेन निदेशक होंगे। फिलहाल निदेशालय को संलग्न में उल्लिखित पदों के सृजन की स्वीकृति प्रदान की जाती है। ये समस्त पद (अथवा उनके समकक्ष पद) उद्योग निदेशालय से कुटीर एवं ग्रामीण उद्योग निदेशालय की स्थानान्तरित किये जावेंगे। आवश्यकता पड़ने पर आवश्यक पद निदेशालय को उत्तर प्रदेश खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड से भी स्थानान्तरित किये जा सकेंगे। इस व्यवस्था के अनुसार यदि किन्ही कर्मचारियों को उद्योग निदेशालय/उत्तर प्रदेश खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड से कुटीर एवं ग्रामीण उद्योग निदेशालय को स्थानान्तरित करना पड़ता है तो स्थानान्तरित कर्मचारियों की सेवा शर्ते अलग से निर्धारित की जावेगी। स्थानान्तरित कर्मचारियों की सेवा शर्तें किसी भी दशा में उनकी वर्तमान सेवा शर्तों से कम आकर्षक न होगी।